“जहां बन गई थी पेच की पहाड़ी, वहां डीएम सविन बंसल ने चला दी फैसले की गाज” जजरेट स्लाइड जोन पर वन भूमि पेंच खत्म; आपदा अधिनियम की शक्ति से डीएम ने खोला रास्ता
त्यूणी : गोविंद शर्मा, 18 जुलाई 2025।
मानसून की मार झेल रहे चकराता क्षेत्र में एक लंबे समय से अटका जजरेट स्लोब स्टेबलाइजेशन प्रोजेक्ट आखिरकार आगे बढ़ा। लेकिन इसे मुमकिन बनाया उस तेजतर्रार अधिकारी ने, जो फील्ड में खुद उतरकर फैसले लेने से नहीं हिचकता— जिलाधिकारी सविन बंसल।
जिलाधिकारी बंसल ने शुक्रवार को चकराता के भूस्खलन प्रभावित जजरेट क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहाँ वन भूमि अधिग्रहण और क्षतिपूर्ति का पेच वर्षों से काम रोक रहा था। लेकिन ज़मीनी हकीकत को देखते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम की विशेष शक्तियों का प्रयोग कर, मौके पर ही अनुमति जारी कर दी। अब जजरेट पर रॉक फॉल बैरियर निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। लोक निर्माण विभाग को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ज़मीन से जुड़े डीएम, फाइलों में नहीं उलझने वाला प्रशासन
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा,
> “हिमालयी क्षेत्र में सड़कें ही जीवन रेखा हैं, इन्हें हर हाल में चालू रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”यह बयान सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि डीएम की कार्यशैली की मिसाल है। जजरेट से लेकर पाटा गांव तक, साहिया से लेकर ध्वेरा बैंग तक, जहां-जहां आपदा की आशंका या संकट है, वहां-वहां जिलाधिकारी ने तुरंत निर्णय, फील्ड पर उपस्थिति और ठोस कार्ययोजना का मॉडल पेश किया।
पाटा गांव में भूधसाव; पुनर्वास और ट्रीटमेंट दोनों तैयारडामटा-पानुवा मार्ग पर पाटा गांव के पास हो रहे भूधसाव को लेकर भी डीएम ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जियोलॉजिकल सर्वे, टीएचडीसी से डिज़ाइन और पुनर्वास का वैकल्पिक बी-प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही 10 लाख रुपये की धनराशि आपदा मद से मौके पर ही स्वीकृत की गई।स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी संवेदनशीलताचकराता स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए डीएम सविन बंसल ने लाइटिंग, आरवीजी एक्स-रे, एलईडी ऑपरेशन लाइट, स्पेस बढ़ाने जैसे ज़रूरी सुधारों को स्वीकृति दी।
स्थानीय लोगों की सीएचसी को चकराता में ही बनाए रखने की मांग पर डीएम ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है, और उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।डाकरा में प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया, जहाँ मृदा परीक्षण और जियोलॉजिकल सर्वे के निर्देश दिए गए हैं।
