कोटद्वार : कोतवाली कोटद्वार में 08 मार्च 2026 को वादी लक्ष्मण सिंह, निवासी- कोटद्वार द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने गूगल पर पोस्ट ऑफिस का टोल-फ्री नम्बर सर्च किया, जिसके उपरांत एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते हुए संपर्क किया। उक्त फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि द्वारा वादी को विश्वास में लेकर यूपीआई के माध्यम से 01 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई। प्राप्त इस शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0-50/2026, धारा 318(4) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा आमजनमानस के साथ हो रही साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
निर्देशों के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार प्रदीप नेगी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं सर्विलांस के माध्यम से गहन विवेचना की गई। लगातार प्रयासों एवं प्रभावी टीमवर्क के फलस्वरूप जांच के दौरान उक्त प्रकरण में अभियुक्त सिराज अंसारी निवासी जामताड़ा, झारखंड की संलिप्तता प्रकाश में आई।
अभियुक्त के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित करने पर ज्ञात हुआ कि वह पूर्व से ही एक अन्य साइबर ठगी के मामले में मण्डल कारा, जामताड़ा (झारखंड) जेल में निरुद्ध था। इस पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल विधिक कार्रवाई करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध माननीय न्यायालय से बी-वारंट जारी कर उक्त अभियोग में संलिप्त अभियुक्त सिराज अंसारी को अभिरक्षा में लिया गया, जिसे अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जिला कारागार पौड़ी भेज दिया गया है।
नाम पता अभियुक्त
- सिराज असांरी, निवासी- करमाटांडा, जिला- जामताडा झारखण्ड
पंजीकृत अभियोग
- मु0अ0सं0 -50/2026, धारा- 318(4) बीएनएस
