देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। समारोह का शुभारंभ सामूहिक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुआ। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए। इनमें सात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा के आधार पर और छह को विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
आपदा प्रभावित परिवारों के साथ सरकार खड़ी : धामी
मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जल्द राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना तथा जिन लोगों ने घर और आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता देना है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
2026 को बताया ऐतिहासिक वर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है। देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती और सिख पंथ के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है। उन्होंने विभाजन विभीषिका के दौरान यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।
विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। देश इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप, खेल, योग और आयुर्वेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देश के सामने रखा है।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर जोर
धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तथा परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है।
बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टांप शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
2035 तक विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में केदारनाथ से प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ के मंत्र को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को गति मिली है। जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
चारधाम और पर्यटन को मिल रही नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं से धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु कांवड़ लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ महापर्व में नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई।
युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। होम-स्टे योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के जरिए भी युवाओं को स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
10 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। योजना के लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड ने खेलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते हैं। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के साथ खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम किया जा रहा है।
महिलाओं और किसानों के लिए योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।
किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विज्ञान और नवाचार पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर और स्टेम लैब्स जैसी पहलें विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा दे रही हैं।
जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत वृद्धि का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जबकि स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर करीब 1,750 हो गई है।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक और इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में राज्य को दूसरा स्थान मिला है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है।
कानून व्यवस्था और पारदर्शी भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री की सात बड़ी घोषणाएं
- चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- प्रदेश के प्रथम युवा आयोग की स्थापना की जाएगी।
- सीमावर्ती गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
- 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
- प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार विकास, रोजगार, विरासत, संस्कृति और सुशासन के लक्ष्य को लेकर पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
