गोस्वामी तुलसीदास के विचारों से मजबूत होगा सामाजिक सद्भाव, सनातन समाज एकजुट होकर आगे बढ़े – आचार्य सुभाष जोशी

by
  • गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह में सामाजिक सद्भाव का संदेश, सनातन समाज को एकजुट रहने का आह्वान
  • ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद एवं नरसिंह कृपा धाम के संयुक्त तत्वावधान में टाउन हॉल में धूमधाम से मनाया गया तुलसीदास जयंती उत्सव

देहरादून। ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद एवं नरसिंह कृपा धाम के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमद् गोस्वामी तुलसीदास जयंती उत्सव नगर निगम टाउन हॉल में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, साहित्य और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता एवं सद्भाव के संदेश को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए समाज को उनके विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद के अध्यक्ष आचार्य सुभाष जोशी ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राम विनय सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सामाजिक सद्भाव और आपसी समरसता को मजबूत करने के लिए गोस्वामी तुलसीदास के विचारों एवं कृतित्व का अनुकरण करने की आवश्यकता है। तुलसीदास जी का साहित्य समाज के सभी संप्रदायों और वर्गों के लिए प्रेरणादायी है तथा उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

तुलसीदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

मुख्य वक्ता ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज को धर्म, मर्यादा, कर्तव्य और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचार सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को तुलसीदास जी के जीवन और साहित्य से परिचित कराने के साथ ही उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन परिषद के महामंत्री नरेश तिवारी ने किया। समारोह में शशिकांत दुबे, एस.पी. पाठक सहित परिषद के कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, उमेश शर्मा काऊ सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

सनातन समाज को एक विचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान

परिषद अध्यक्ष आचार्य सुभाष जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि सभी सनातनी एक विचार और एकजुटता के साथ समाज एवं राष्ट्रहित में आगे बढ़ें। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।

Related Posts