सावधान! उत्तराखण्ड में हो रहे हैं फोने हैक

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देहरादून : उत्तराखण्ड में मोबाइल फोन हैकिंग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में फोन हैकिंग से संबंधित 480 से अधिक शिकायतें साइबर सेल तक पहुंच चुकी हैं। यानी औसतन हर दिन करीब दो लोग इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

 

साइबर सेल एक्सपर्ट बीएनल कुशवाहा के मुताबिक साइबर ठग लोगों को लिंक और एपीके फाइल भेजकर मोबाइल में सेंध लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इनके डाउनलोड होते ही ठग फोन तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, फोटो, मैसेज और बैंकिंग डिटेल का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा सकता है। सबसे अधिक शिकायतें व्हाट्सऐप अकाउंट हैक होने की मिल रही हैं। अकाउंट का नियंत्रण मिलने के बाद ठग पीड़ित के परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगते हैं।

 

10,500 शिकायतों में सिर्फ 261 एफआईआर

हल्द्वानी जिले में भी साइबर ठगी की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार 2019 से जुलाई 2026 तक करीब 10,500 ऑनलाइन साइबर ठगी की शिकायतें पुलिस को मिलीं। इनमें से सिर्फ 261 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।

हजारों शिकायतों के मुकदमे में तब्दील नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। एसपी सिटी मनोज कत्याल का कहना है कि जांच के बाद मामलों में कार्रवाई की जाती है और कुछ शिकायतों का निस्तारण भी हो जाता है।

 

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचने को कहा है। सोशल मीडिया और बैंकिंग खातों के लिए अलग-अलग मजबूत पासवर्ड रखने के साथ टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखने की सलाह दी गई है।

 

फोन हैक होने पर तुरंत उठाएं ये कदम

अगर फोन हैक होने का संदेह हो तो सबसे पहले इंटरनेट बंद करें। सोशल मीडिया खातों के पासवर्ड बदलने के साथ अनजान लिंक्ड डिवाइस को लॉगआउट करें। बैंक खाते से पैसे निकलने की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

साइबर अपराध से बचाव में सतर्कता सबसे अहम है। ठगी होने पर बिना देरी 1930 पर सूचना देने से रकम को होल्ड कराने में मदद मिल सकती है।

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