Dehradun:
शिक्षा की अलख जगाती निर्बल वर्ग बालवाड़ी को डीएम ने दी 30 हज़ार की अतरिक्त सहायता,
दिव्यांग पुनर्वास बालवाड़ी सामुदायिक केन्द्र मायाकुण्ड के जर्जर हालत का अभाव होते ही अगले ही दिन 43 लाख का निर्माण कार्य किया था प्रारम्भ
देहरादून, जनता दिवस में आई थी दिव्य दिव्यांग महिला नीता रानी, बालवाड़ी जीर्णाेद्धार के लिए मांगी 50 हजार की सहायता डीएम ने दिए थे 1 लाख। अब पुनः 30 हजार अतिरिक्त धनराशि जारी
मा0 सीएम की प्रेरणा से, डीएम सविन बंसल निर्बल, असहायों की उम्मीद बन गए हैं। डीएम ने शिक्षा की अलख जगाती बालवाड़ी को 30 हज़ार अतरिक्त सहायता दी है, जबकि इससे पूर्व 1 लाख की सहायता दी थी । जनता दिवस में आई थी दिव्यांग महिला नीता रानी, बालवाड़ी जीर्णाेद्धार के लिए 50 हजार की सहायता की मांग की थी, उनके मलिन बस्ती के बच्चों की शिक्षा एवं महिला साक्षरता एवं कौशल विकास समर्पण भाव को देख डीएम ने 1 लाख दिए थे । अब पुनः 30 हजार अतिरिक्त धनराशि जारी का चेक दिया है। अभी बालवाड़ी में 41 बच्चे हैं,जिनकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। जनता दर्शन जिलाधिकारी सविन बसंल ने दिव्यांग महिला नीता रानी जो बालवाड़ी में बस्तियों के बच्चों को साक्षर कर मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है को बालवाड़ी निर्माण हेतु 01 लाख रू0 सहायता चैक दिया। डीएम ने 30 हज़ार की अतिरिक्त सहायता देकर इस कार्य को और अधिक वृहद्स्तर पर करने की अपेक्षा की।
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दिव्यांग पुनर्वास बालवाड़ी सामुदायिक केन्द्र मायाकुण्ड के जर्जर हालत का अभाव होते ही अगले ही दिन 43 लाख का निर्माण कार्य किया था प्रारम्भ
देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट संचालिका पैरा खिलाड़ी नीरजा गोयल के अनुरोध पर व्यापक जनहित, दृष्टिगत डीएम ने प्रशासक रहते फंड स्वीकृत,
मायाकुण्ड में जीर्णशीर्ण सामुदायिक केन्द्र के दिन वापस लौट आए है, डीएम सविन बसंल के संज्ञान में मामला आते ही नगर निगम ऋषिकेश की टीम को मौके पर भेजकर आंगणन कराई गई। सामुदायिक केन्द्र की बहुउपयोगिता बच्चों की शिक्षा, महिला सारक्षरता, महिला कौशल की गतिविधिति संचालित हो होती है। पैरा खिलाड़ी नीरजा गोयल देवभूमि चेरीटेबल ट्रस्ट डीएम से मिली तथा अपनी बात डीएम को बताई कि उनके द्वारा भी सांयकालीन महिला सिलाई प्रशिक्षण एवं स्थानीय बच्चों को रेमेडियल टीचिंग करायी जाती है तथा इस भवन को उपयोग में लाया जा रहा है, उन्होंने भवन मरम्मत का डीएम से अनुरोध किया। डीएम ने सामुदायिक भवन के जीर्णशीर्ण होने तथा पुनःनिर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश थे। डीएम ने प्रशासक रहते रूपये 43.00 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई । जिस पर निविदा जारी कर कार्य प्रारम्भ हो गया है।
