“पाँच साल बाद उम्मीद बनी हकीकत? डीएम सविन बंसल की पहल से जौनसार-बाबर के छात्रों को मिला नया भरोसा!”

by news7point

त्यूणी: पांच साल के लंबे इंतजार के बाद जौनसार-बाबर के छात्रों और अभिभावकों को राहत की किरण नजर आई है। जनजातीय क्षेत्र के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान त्यूणी इंटर कॉलेज में कॉमर्स और जीव विज्ञान (बायोलॉजी) विषयों की स्वीकृति के लिए जो संघर्ष वर्षों से चल रहा था, अब वह जिलाधिकारी सविन बंसल की त्वरित कार्रवाई से साकार होता दिख रहा है।

छात्रों की वर्षों पुरानी मांग, अब मिली प्रशासन की सुनवाई

         पिछले पांच वर्षों से छात्रसंघ और अभिभावक लगातार मांग कर रहे थे कि त्यूणी इंटर कॉलेज में कॉमर्स और बायोलॉजी विषय जोड़े जाएं। लेकिन शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया।

कॉमर्स और बायोलॉजी विषय न होने के कारण क्षेत्र के कई छात्र मजबूरन दूसरे शहरों में पलायन कर रहे थे। इससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

हाल ही में डीएम सविन बंसल के आदेश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर इन विषयों की स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।

डीएम सविन बंसल: वो अफसर, जिसने जनता की आवाज सुनी

                                        त्यूणी क्षेत्र के लोगों और छात्रों ने शायद ही कभी ऐसा अधिकारी देखा हो, जिसने उनकी समस्याओं को इतनी गंभीरता से लिया हो। डीएम सविन बंसल ने न केवल इस मुद्दे को समझा, बल्कि इसे प्राथमिकता भी दी। जब वे त्यूणी दौरे पर आए, तो छात्रसंघ और जनप्रतिनिधियों ने उनसे कॉमर्स और बायोलॉजी विषयों की मांग रखी।

आम तौर पर ऐसे मामलों में फाइलें महीनों, बल्कि सालों तक चलती रहती हैं, लेकिन डीएम बंसल ने तत्काल मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया और उसी दिन पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू करवा दी। यह दर्शाता है कि वे केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासक भी हैं।

छात्रसंघ का आभार: ‘पहली बार किसी अधिकारी ने इतनी गंभीरता दिखाई’

पण्डित शिवराम राजकीय महाविद्यालय त्यूणी के छात्रसंघ अध्यक्ष प्रमेश रावत ने कहा, “हमने वर्षों तक इस मांग को उठाया, लेकिन कोई अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेता था। जिलाधिकारी सविन बंसल पहले ऐसे अफसर हैं, जिन्होंने न केवल हमारी बात सुनी, बल्कि तुरंत कार्रवाई भी की। हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमारे कॉलेज में कॉमर्स और बायोलॉजी विषय की पढ़ाई शुरू होगी।”

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया: ‘अब बदलाव की उम्मीद’

स्थानीय निवासी शैलेंद्र खन्ना ने कहा, “हमने कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन हर बार यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पहली बार ऐसा लग रहा है कि प्रशासन हमारी बात सुन रहा है। अगर जल्द ही स्वीकृति मिल जाती है, तो हमारे बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उनका भविष्य सुरक्षित होगा।”

शिक्षा विभाग की स्वीकृति का इंतजार, जल्द मिल सकती है खुशखबरी

मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल ने कहा, “कॉमर्स और बायोलॉजी विषयों की स्वीकृति के लिए निदेशक को पत्र भेजा गया है। जैसे ही अनुमति मिलेगी, इन विषयों की कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।”

डीएम बंसल की कार्यशैली बनी प्रेरणा, छात्रों के भविष्य को नई राह

यह कहना गलत नहीं होगा कि डीएम सविन बंसल ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए इसे अपनी प्राथमिकता में रखा। प्रशासन में कई अधिकारी आते हैं और जाते हैं, लेकिन ऐसे अधिकारी कम ही होते हैं, जो जनता की आवाज को तुरंत सुनकर उस पर अमल भी करें।
हालांकि, कॉमर्स और बायोलॉजी विषय की स्वीकृति अभी लंबित है, लेकिन जिलाधिकारी सविन बंसल की तत्परता से छात्रों और अभिभावकों में नई उम्मीद जगी है। शिक्षा विभाग से मंजूरी मिलने के बाद यह जौनसार-बाबर क्षेत्र के छात्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
अब सबकी निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं कि कब औपचारिक स्वीकृति मिलती है और कब से छात्रों को अपने ही क्षेत्र में इन विषयों की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। अगर शिक्षा विभाग से जल्द मंजूरी मिलती है, तो इसका श्रेय निस्संदेह जिलाधिकारी सविन बंसल को ही जाएगा, जिन्होंने इस मुद्दे को हल करने में अपनी पूरी शक्ति लगा दी।

Related Posts