अधीक्षण अभियंता ( बांध पुर्नवास) का वाहन जब्त; विवरण सहित प्रस्तुत होने के निर्देश; डीएम ने एसडीएम अपूर्वा को सौंपी अग्रेतर क्रिमनल प्रोसेडिंग;

by news7point

Dehradun:”जमीन भी बिक गई, सिस्टम भी! डीएम सविन बंसल ने उठाया फर्जीवाड़े से पर्दा, अब किसी को नहीं बख्शा जाएगा”

फर्जीवाड़े की नींव पर खड़ा था पुनर्वास का ढांचा, डीएम सविन बंसल ने किया पर्दाफाश – दो बार बेची गई एक ही जमीन, अब शुरू होगा न्याय का अध्याय

डीएम ने पकड़ा भीषण खेल, एक ही व्यक्ति ने गुमराह कर दो बार विक्रय कर दी टिहरी बांध प्रभावितों को भूमि; 

व्यथित, विस्थापित की मजबूरी, पीड़ा का फायदा उठा रहे पुनर्वास परियोजना अधिकारियों को लिया डीएम ने आड़े हाथः

भूमि फर्जीवाडे़ की शिकार; पुलमा देवी प्रकरण पर डीएम ने खोली परतें;

अवस्थापना पुनर्वास खण्ड ऋषिकेश का कारनामा; एक व्यक्ति जिसने अपनी भूमि 2007 में विक्रय की, बिना जांच के 2019 में उसी के नाम चढावा दी दोबारा भूमिधरी;  

जून माह के द्वितीय जनता दर्शन में उठा था मामलाः

जब तक पुलमा देवी को न्याय नही मिलेगा, तब तक प्रशासन छोड़ने वाला नही प्रकरण को

डीएम की जांच में हुआ खुलासा; डीएम ने एसडीएम अपूर्वा को सौंपी अग्रेतर क्रिमनल प्रोसेडिंग;

अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुर्नवास) का वाहन जब्त; विवरण सहित प्रस्तुत होने के निर्देश; सम्बन्धित को एसआईटी जांच में संस्तुति की चेतावनी

टिहरी बांध विस्थापितों के नाम पर वर्षों से चल रहा खेल अब समाप्ति की ओर है। जिलाधिकारी सविन बंसल की सतर्क निगाह और सख्त कार्यशैली ने एक ऐसे भीषण भूमि फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, जिसकी परतें अब तक दबाई जाती रही थीं।

मामला एक-दो नहीं, बल्कि पूरे पुनर्वास तंत्र को झकझोर देने वाला है। यह वह सच्चाई है जो प्रशासन की चुप गलियों में खामोशी से पलती रही, और जिसे उजागर करने का साहस अब जाकर किसी ने दिखाया है — और वो हैं डीएम सविन बंसल।

 मामले की तह में क्या है?

शास्त्रीनगर तपोवन की निवासी पुलमा देवी ने डीएम जन दर्शन में यह गंभीर मामला रखा कि वर्ष 2007 में ग्राम फुलसनी में खरीदी गई उनकी भूमि, जिसे टिहरी विस्थापितों को पुनर्वास योजना के तहत आवंटित किया गया था, उसी भूमि को वर्ष 2020 में फिर किसी अन्य को बेच दिया गया।

जांच में सामने आया कि एक ही व्यक्ति द्वारा पहले विक्रय की गई भूमि को 2019 में फिर उसी के नाम भूमिधरी दर्ज कर दी गई, और यह सब हुआ बिना किसी दस्तावेजी जांच-पड़ताल के।

 अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध, डीएम की कार्रवाई सख्त

इस पूरे प्रकरण में भूमिका निभाने वाले अवस्थापना पुनर्वास खंड, ऋषिकेश के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर डीएम ने कड़ा संज्ञान लिया है।

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर:

अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुनर्वास) का सरकारी वाहन जब्त कर लिया गया है।

अधिकारियों को विस्तृत विवरण सहित तलब किया गया है।

मामले की क्रिमिनल प्रोसीडिंग की ज़िम्मेदारी एसडीएम अपूर्वा को सौंपी गई है।

साथ ही SIT जांच की संस्तुति की चेतावनी भी दी गई है।

 डीएम ने दी दो टूक चेतावनी:

> “जब तक पुलमा देवी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक प्रशासन चैन से नहीं बैठेगा। विस्थापितों की पीड़ा को धोखा देने वालों को माफ नहीं किया जाएगा।”

डीएम की यह टिप्पणी न केवल एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के जज़्बे को दर्शाती है, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी देती है कि देहरादून में अब गड़बड़ियों की ज़मीन नहीं, सिर्फ न्याय की फसल उगेगी।

 पुराने जख्म, नई उम्मीद

टिहरी बांध विस्थापन की पीड़ा झेल रहे हजारों परिवारों के लिए यह कार्रवाई नई उम्मीद की किरण है। वर्षों से न्याय की बाट जोह रहे पीड़ितों को अब यकीन हो चला है कि अगर आवाज़ उठाई जाए, तो न्याय ज़रूर मिलेगा — बशर्ते प्रशासन में सविन बंसल जैसा नेतृत्व हो।

यह महज एक जांच नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनता की जीत की शुरुआत है। पुलमा देवी का मामला लाखों विस्थापितों की कहानी कहता है।

डीएम सविन बंसल ने दिखा दिया कि अगर प्रशासन ठान ले तो झूठ की ज़मीन पर खड़ी कोई भी दीवार ज्यादा दिन नहीं टिकती।

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